दोनों ओर से फायरिंग के चलते सीमा के अधिकांश क्षेत्रों में युद्ध जैसी स्थिति

Saturday 14 Nov 2020 राष्ट्रीय

राजौरी और पुंछ जिलों में बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) की संदिग्ध हलचल दिखी - पाकिस्तानी सैनिक कई चौकियां खाली करके सुरक्षित स्थानों की ओर भागे - पाकिस्तान ने भारत पर बलूचिस्‍तान में आतंकवाद फैलाने का लगाया आरोप नई दिल्ली, 14 नवम्बर। जम्मू-कश्मीर की नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शुक्रवार को भारत की जवाबी कार्रवाई में दो कमांडो समेत 11 सैनिकों के मारे जाने से पाकिस्तान तिलमिलाने के साथ ही खौफ में भी है। सीमा के अधिकांश क्षेत्रों में युद्ध जैसी स्थिति देखी जा रही है। शनिवार सुबह से ही राजौरी और पुंछ जिलों में आतंकवादियों के दो समूह की संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं हैं। इनमें बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के संदिग्ध भी हैं। इसके बाद से भारतीय सेना ने एलओसी पर हाई अलर्ट जारी किया है। पाक ने शुक्रवार को भारतीय राजनयिक को बुलाया तो शनिवार को भारत ने संघर्ष विराम उल्लंघन के लिए पाकिस्तानी राजनयिक को तलब किया है। दिवाली के ठीक एक दिन पहले सीजफायर का उल्लंघन करके पाकिस्तान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वो अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आएगा लेकिन भारत की तरफ से जवाबी कार्रवाई से अब वो सहम गया है। भारत से मुंह की खाने के बाद अपनी करतूत पर पर्दा डालने के लिए पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस करके भारत पर ही आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। इस दिवाली पर पाक सेना और आतंकवादी समूहों की अभूतपूर्व गतिविधि देखी जा रही है। शनिवार सुबह से ही पाकिस्तान सीमा पर आतंकवादियों के दो समूह देखे गए हैं जिनमें पकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के संदिग्ध भी हैं। इन्हें राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा के पास स्पॉट किया गया है। एलओसी के किनारे पुंछ और राजौरी में बैट के हमले की आशंका के चलते भारतीय सेना ने हाई अलर्ट जारी किया है। कल से मोर्चा संभाले भारतीय सेना के जवान हर स्थिति से निपटने को तैयार हैं। एलओसी पर लगभग सभी बीएसएफ इकाइयां कल सुबह से ही भारी गोलीबारी का सामना कर रही हैं। सैनिकों, बीएसएफ तोपखाने की इकाइयों और सहायक हथियारों द्वारा प्रभावी जवाबी कार्रवाई की गई है। हालांकि पाकिस्तानी गोलाबारी में भारत के 4 सैन्यकर्मी और बीएसएफ के उप निरीक्षक शहीद हुए हैं। इसके साथ ही 6 नागरिकों की मौत हो गई और चार सुरक्षा कर्मी व आठ नागरिक घायल हुए हैं। सेना के सूत्रों के अनुसार इस साल अब तक एलओसी पर लगभग 20-21 भारतीय सैनिक हताहत हुए हैं। इसी अवधि में पाक की ओर से लगभग 30 सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि की गई है। भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान इतना सहम गया है कि पीओके के डीएचक्यू अस्पताल एथमुक्कम को अलर्ट पर रखा गया है। भारतीय सेना की ओर से एटीजीएम, आर्टिलरी शेल, रॉकेट और मोर्टार के गोले के बाद पाकिस्तानी सेना के सैनिकों ने पुंछ और कुपवाड़ा के विपरीत अपनी कई पोस्ट को खाली कर दिया और सुरक्षित स्थानों पर भाग गए। जम्‍मू-कश्‍मीर में सेना के जोरदार जवाबी कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और सेना के प्रवक्‍ता ने भारत पर बलूचिस्‍तान में आतंकवाद को फैलाने का बड़ा आरोप लगाया है। कुरैशी ने दावा किया कि भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ ने चीन के ड्रीम प्रॉजेक्‍ट चाइना-पाकिस्‍तान इकनॉमिक कॉरिडोर को बर्बाद करने के लिए 80 अरब रुपया दिया है और 700 आतंकी तैयार किए हैं। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री ने कथित भारतीय आतंकवाद पर शनिवार को डोजियर पेश किया। कुरैशी ने आरोप लगाया कि भारत ने 700 लोगों की मिल‍िश‍िया बनाई है जो बलूचिस्‍तान में सीपीईसी को निशाना बनाते रहेंगे। भारत ने गिलगित-बाल्टिस्‍तान में चुनाव से पहले वहां पर राष्‍ट्रवाद को हवा देने की कोशिश की। चुनाव के बाद भी भारत का इरादा नेक नहीं है।

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